एलर्जी को हल्के में न लें: सही जांच और सही इलाज क्यों जरूरी है – डॉ. दीपक विराड़िया

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एलर्जी को हल्के में न लें: सही जांच और सही इलाज क्यों जरूरी है – डॉ. दीपक विराड़िया

October 17, 2026

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बार-बार छींक आना, नाक बंद रहना, आंखों में खुजली, लंबी खांसी या त्वचा पर दाने: एलर्जी के ये लक्षण इतने आम हैं कि ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं या मेडिकल स्टोर से दवा लेकर काम चला लेते हैं। लेकिन एलर्जी को हल्के में लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। इस वीडियो में डॉ. दीपक विराड़िया, चेस्ट फिजिशियन, इंटेंसिविस्ट और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट, बताते हैं कि एलर्जी का सही इलाज क्यों जरूरी है।

एलर्जी को नजरअंदाज करने से क्या हो सकता है?

  • अस्थमा का खतरा: लंबे समय तक बिना इलाज की नाक की एलर्जी आगे चलकर अस्थमा में बदल सकती है।
  • बार-बार साइनस और छाती का इन्फेक्शन
  • नींद में खलल: बंद नाक से खर्राटे, थकान और काम या पढ़ाई में ध्यान न लगना
  • त्वचा की समस्याएं: लगातार खुजली और खरोंचने से त्वचा पर दाग
  • रोजमर्रा की जिंदगी पर असर: काम, स्कूल और खेलकूद में रुकावट

खुद से दवा लेना क्यों ठीक नहीं?

  • एलर्जी की गोलियां सिर्फ लक्षण दबाती हैं, कारण नहीं बतातीं। कुछ गोलियों से नींद भी आती है।
  • नाक खोलने वाले स्प्रे कुछ दिनों से ज्यादा इस्तेमाल करने पर नाक और ज्यादा बंद हो सकती है।
  • तुरंत आराम देने वाले “एलर्जी इंजेक्शन” अक्सर स्टेरॉयड होते हैं, और बार-बार लेने पर शुगर, बीपी, हड्डियों और इम्युनिटी पर असर डाल सकते हैं।
  • बिना जांच के यह भी पता नहीं चलता कि समस्या वाकई एलर्जी है या कुछ और, जैसे अस्थमा, साइनस या इन्फेक्शन।

सही इलाज में क्या शामिल है?

  1. सही जांच: डॉक्टर द्वारा पूरी हिस्ट्री, और जरूरत पड़ने पर स्किन प्रिक टेस्ट या IgE ब्लड टेस्ट, जिससे पता चले कि आपको किस चीज से एलर्जी है
  2. फेफड़ों की जांच (PFT): अगर खांसी, घरघराहट या सांस फूलती हो
  3. ट्रिगर से बचाव: धूल, फफूंद, पालतू जानवर, पराग जैसे कारणों से बचने के सही उपाय
  4. सही दवाएं: डॉक्टर की सलाह से नेज़ल स्प्रे, बिना नींद वाली एलर्जी की दवाएं, और जरूरत हो तो इनहेलर
  5. एलर्जी इम्यूनोथेरेपी (एलर्जी वैक्सीन): चुने हुए मरीजों में, जिससे लंबे समय तक राहत मिल सकती है

तुरंत अस्पताल जाएं अगर

चेहरे, होंठ या गले में सूजन हो, सांस लेने या निगलने में तकलीफ हो, या चक्कर आए, तो यह गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। तुरंत 108 पर कॉल करें या नजदीकी अस्पताल जाएं।

डॉ. दीपक विराड़िया
चेस्ट फिजिशियन और इंटेंसिविस्ट | इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट और ECMO स्पेशलिस्ट
रुद्राक्ष चेस्ट क्लिनिक, 301, Solaris Royce, Opp. Old RTO, Athwagate, Ring Road, Surat – 395001
अपॉइंटमेंट: +91 75676 19985
वेबसाइट: www.drdipakviradia.com
आपका श्वास, हमारी जिम्मेदारी।

Frequently Asked Questions

हां। बिना इलाज की एलर्जी से अस्थमा, बार-बार साइनस इन्फेक्शन, नींद की कमी और रोजमर्रा के कामों में रुकावट हो सकती है।

ये दवाएं सिर्फ लक्षण दबाती हैं। नाक खोलने वाले स्प्रे और स्टेरॉयड इंजेक्शन बार-बार लेने से नुकसान हो सकता है। सही इलाज के लिए डॉक्टर से जांच करवाएं।

स्किन प्रिक टेस्ट या IgE ब्लड टेस्ट से, जिसे डॉक्टर आपके लक्षणों के साथ मिलाकर देखते हैं।